आभार पत्र 2020 – प्रकृति का मनुष्य को

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आभार पत्र

आभार पत्र 2020 – प्रकृति का मनुष्य को

संदर्भ – कोरोना के महामारी के कारण पूरी दुनिया में लॉक टाउन घोषित कर दिया था , जिसके कारण मनुष्य अपने घर में बंधित हुआ था। इस कारण मनुष्य की बहुत सारी गतिविधियां बंद पड़ गई थी इसी बीच प्रकृति में कुछ सकारात्मक बदल देखने को मिले ऐसा मौका काफी सदियों के बाद आया था।

प्रकृति में आए इस सकारात्मक बदल के कारण धरती माता भी मुस्कुराने लगी थी इसीलिए मनुष्य का आभार प्रकट करने के लिए प्रकृति वसुंधरा मनुष्य को आभार पत्र लिखती है।

वसुंधरा ( प्रकृति) लिखती है,
हे मनुष्य महोदय,
हे महोदय आप के विकास और तकनीकी बदलाव इस विषय के अंतर्गत आपने पिछले कुछ दशकों से जो आर्थिक गतिविधियां चलाई थी उसके कारण हमारे स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ रहा था जिसका परिणाम प्राकृतिक आपदा के रूप में आपको देखने को मिली जिसके कारण आपको काफी तकलीफ हुई होंगी इसलिए सर्वप्रथम हम आपको क्षमा मांगते हैं।

लेकिन आपके गतिविधियों के कारण हमको और हमारे सेवकों जैसे बेकसूर जानवर , पेड़ पौधे, पर्वत आदि को भारी तकलीफ पहुंच रही थी। इसीलिए हम प्रार्थना कर रहे थे कि कुछ ऐसा मौका मिल जाए कि जिसके कारण कुछ दिनों के लिए हमारे राहत की सांस मिलने के लिए कुछ समय चाहिए। 


ऐसे में कोरोनावायरस हमारे लिए एक संधि बनी जिसके कारण आपको घर में रहना पड़ा और आपकी खुशियों का त्याग करना पड़ा इस समय डोगरा हमने और हमारे कुछ घटकों ने ऐसे जानवर पेड़ पौधे आदि ने राहत की सांस ली और उनके चेहरों पर हमने कई सदियों की मुस्कान देखी आपके इस प्यार के लिए हम आप का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं।


आपकी यह उपकार हमारे लिए सदीयो मुस्कान लायी है।
हम आशा करते हैं कि आप आगे भी महीने का 1 दिन हमारा ख्याल रखें तो हम भी आपका ख्याल रखेंगे और हम एक दूसरे को सहायता करते एक दूसरे का ख्याल रखेंगे।
एक बार फिर से आपका तहे दिल से आभार।
धन्यवाद।
आपकी स्नेहांकित
वसुंधरा (प्रकृति)

प्रकृति

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