नूडल्स का आविष्कार 1956

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नूडल्स का अविष्कार एक दंतकथा है जिसके कारण इसका आविष्कार करने वाला आदमी भविष्य में बहुत बड़ा उद्यमी बन गया।

बात उन दिनों की है जब अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम गिराया था. ये जापान का बहुत ही बुरा दौर था. जापान इस हमले के चलते एक शक्तिशाली औद्योगिक साम्राज्य की जगह पर एक रेडियोधर्मी खंडर में तब्दील हो रहा था. मुश्किल की इस घड़ी में जापान की सरकार के सामने लाखों लोगों का पेट भरने की समस्या मुंह बाए खड़ी थी.

इस हमले के एक सप्ताह बाद अमेरिका को अपनी भूल का एहसास हुआ. उसने जापान को भुखमरी से निपटने के लिए उनके लिए भारी मात्रा में आटा भेजा. उन्होंने सोचा था कि वो इससे ब्रेड बनाकर अपने देशवासियों की भूख मिटा सकेंगे. मगर जापान के लोग बड़ी तादाद में ब्रेड बनाना नहीं जानते थे.

अच्छी बात ये थी कि वो इससे नूडल्स बनाने में माहिर थे. मगर नूडल्स की सबसे बड़ी कमी ये थी इसे बनाने में काफ़ी समय लगता था. एक दिन ऐसे ही कड़ाके की ठंड में Momofuku Ando नाम के एक शख़्स ने लोगों को नूडल्स के लिए लाइन में खड़े देखा. तब उन्होंने महसूस किया कि एक कप नूडल्स के लिए लोग इतनी देर तक क्यों खड़े रहें. कुछ ऐसा किया जाना चाहिए कि उनका पेट भी भर जाए और वक़्त भी कम लगे.

उन्होंने नूडल्स पर एक्पेरिमेंट करने शुरू कर दिए. एक दिन वो इंस्टेंट तैयार हो जाने वाले नूडल्स खोजने में कामयाब हो गए. ये नूडल्स तैयार करने के बाद सुखाए जाते थे. इनको बाद में बस गर्म पानी मिलाकर दो मिनट में खाने के लिए परोसा जा सकता था. इनके द्वारा बनाए गए चिकन नूडल्स को तो लोगों को ये नूडल्स इतने पसंद आए कि हर घर में यही पकाए जाने लगे और लोगों ने इन्हें अपने भोजन का हिस्सा बना लिया.

ये नूडल्स लोगों को बहुत पसंद आए और देखते ही देखते ये जापान से निकलकर पूरी दुनिया में फ़ेमस हो गए. इनकी बदौलत Ando भी एक अमीर व्यक्ति बन गए. इंस्टेंट नूडल्स आज दुनिया के कोने-कोने में खाए जाते हैं. आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में किसी सेवियर से कम नहीं हैं ये इंस्टेंट नूडल्स.

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान में खाने का भारी संकट गहराया हुआ था। लोग अन्न के एक-एक दाने के लिए लंबी कतार लगाकर खड़े थे। ऐसे में जापानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कह दिया था कि देश में लोगों की खाद्य आपूर्ति के लिए कुछ नहीं है।

इस स्थिति में जापान के एक नागरिक मोमोफुकू एंडो ने नूडल्स बनाने का प्रयोग किया। उनके प्रयोग के बाद इंस्टेंट नूडल्स गरम पानी में उबालते ही तैयार हो गए, और ऐसे हुआ नूडल का आविष्कार।

अविष्कार

मोमोफुकू के इस आविष्कार ने उनकी जिंदगी बदल दी और उन्होंने निसिन फूड इंटरनेशनल नाम की एक बहुत बड़ी कंपनी बनाई।

इस सफल प्रयोग के बाद मोमोफुकू इंस्टेंट नूडल्स के इन्वेंटर के तौर पर प्रसिद्ध हो गए। लोगों के खाने की जरूरत को पूरा करने के लिए मोमोफुकू ने निसिन फूड्स की स्थापना की। जिसका मकसद था जापान में उपजी भुखमरी को समाप्त करना।

1970 के दशक में यह पूरी दुनियां में तब मशहूर हो गए, जब यह कप नूडल्स के तौर पर आए।

आज निसिन फूड्स एक इंटरनेशनल ब्रांड है जिसके टॉप रेमेन नूडल्स और कप नूडल्स की दुनियां भर में डिमांड है। 

कस्टमर्स की जरुरत को पूरा करने के लिए आज भी ये लगातार इनोवेशन करते रहते हैं। आज के समय में 7500 से भी अधिक एम्प्लॉई इस कंपनी में काम करते हैं।

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