इस दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट खिलाड़ी ने आईपीएल के 5 फाइनल खेले है।

आईपीएल क्रिकेट लीग भारत का टी20 लीग है, जिसमें देसी और विदेशी क्रिकेट खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।

इसमें कुछ विदेशी खिलाड़ियों से भी है कि जिन्होंने 2 या उससे अधिक बार आईपीएल क्रिकेट फाइनल खेले हैं।

फाप डुप्लेसिस सन 2010 में चेन्नई सुपर किंग के साथ ज्वाइन हुए थे। उन्होंने सन 2010,2011, 2018 और 2019 को चेन्नई सुपर किंग की तरफ से फाइनल खेली है

इसमें सबसे ऊपर नाम होता है दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट खिलाड़ी फाप डुप्लेसिस। इन्होंने 5 बार आईपीएल क्रिकेट के फाइनल खेले हैं और वह भी एक ही क्रिकेट टीम की तरफ से। इन्होंने चार बार चेन्नई सुपर किंग की तरफ से आईपीएल फाइनल खेले हैं और एक बार पुणे राइजिंग सुपर जायंट की तरफ से फाइनल खेली है।

सन 2017 में उन्होंने पुणे राइजिंग सुपर्जायंट्स की तरफ से फाइनल खेली थी।

विश्व कप क्रिकेट के फाइनल में अंपायर कि यह 2 गलतियां विरोधी टीम को पड़ गई भारी।

विश्व कप क्रिकेट के फाइनल में अंपायर कि यह 2 गलतियां विरोधी टीम को पड़ गई भारी।

ऐसी गलतियां विश्व कप क्रिकेट फाइनल में दो बार हुई है एक 2003 के वर्ल्ड कप में और एक 2019 के वर्ल्ड कप में।


2003 का विश्व कप क्रिकेट फाइनल भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया खेला गया था। 2003 के विश्वकप क्रिकेट फाइनल में फाइनल मैच के हीरो रिकी पोंटिंग अपने 40 रन के निजी स्कोर पर खेल रहे थे।

और भारत की ओर से भारत के पार्टटाइम स्पिनर दिनेश मोंगिया बॉलिंग कर रहे थे दिनेश मोंगिया का एक बाल स्वीप करने के चक्कर में पॉन्टिंग चूक गए और उनका बॉल पैड पर लगा।

दिनेश मोंगिया ने काफी अपील करने के बाद में  फाइनल में सबसे ज्यादा अंपायरिंग करने वाले स्टीव बकनर ने उनकी अपील को नकारा और पॉन्टिंग को नॉट आउट करार दे दिया।

जबकि टीवी रिप्ले में साफ दिख रहा था कि रिकी पोंटिंग आउट है। इसका नतीजा पोंटिंग ने उस में 100 रन और जोड़े और डेमियन मार्टिन के साथ बड़ी साझेदारी निभाते हुए 360 रन का विशाल लक्ष्य भारत के सामने रखा।

जिसका नतीजा भारत की टीम दबाव में आ गई और लक्ष्य का पीछा करते-करते 284 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। शायद रिकी पोंटिंग 40 के स्कोर पर आउट हो जाते तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था।

विश्व कप क्रिकेट के फाइनल में अंपायर कि यह 2 गलतियां विरोधी टीम को पड़ गई भारी।

दूसरी गलती 2019 के विश्व कप क्रिकेट के फाइनल में अंपायर कुमार धर्म सेना द्वारा हो गई। 2019 का विश्व कप क्रिकेट फाइनल न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड खेला गया था।

मैच के आखिरी और के तीसरे बॉल पर बल्लेबाज बेन स्टोक्स ने शॉट मारा और 2 रन के लिए वह दौड़े बाउंड्री से  न्यूजीलैंड के फिल्डर मार्टिन गुप्टिल ने बॉल  फेंका जो बेन स्टॉक के बैट को टकराकर बाउंड्री पार हो गया

जिसका नतीजा एंपायर कुमार धर्म सेना ने इंग्लैंड की टीम को छह रन ओवरथ्रो के बहाल कर दिए। बल्लेबाज बेन स्टॉक ने एंपायर को अपने फैसले को वापस लेने की विनंती की लेकिन अंपायर डिसीजन दे चुके थे और वह उनका आखिरी डिसीजन था। इसका नतीजा मैच टाई हो गया।

मैच सुपर ओवर में चला गया और सुपर ओवर में भी टाइप हो गया। इंग्लैंड टीम को ज्यादा बॉन्ड्री लगाने के निर्णय पर विजता टीम घोषित कर दिया गया।


मैच खत्म होने के बाद एंपायर कुमार धर्म सेना ने अपने गलती कबूल की। लेकिन तब काफी देर हो चुकी थी और इंग्लैंड विश्व विजेता बन चुकी थी अगर कुमार धर्म से ना तभी अपनी गलती मान लेते तो इसका नतीजा कुछ और होता।

विश्व कप क्रिकेट के फाइनल में अंपायर कि यह 2 गलतियां विरोधी टीम को पड़ गई भारी।

HYDERABAD CRICKET ASSOCIATION COME FORWARD FOR CORONA VIRUS ISOLATION CENTRE FOR PATIENTS

HYDERABAD CRICKET ASSOCIATION COME FORWARD FOR CORONA VIRUS ISOLATION CENTRE FOR PATIENTS


Hyderabad cricket association (HCA) decided to turn Hyderabad cricket association stadium into Corona virus infection patient isolation center.
HCA offer Rajiv Gandhi international cricket stadium at uppal in Hyderabad for Corona virus infection patient isolation center.
Rajiv Gandhi cricket international stadium has 40 big room which management committee decided to turn it into isolation centre.

पाप का बोझ बढ़ता ही जाये जाने कैसे ये धरती थमी है….।

पाप का बोझ बढ़ता ही जाये जाने कैसे ये धरती थमी है….।

चीन में पैदा हुए कोरोनावायरस नाम का राक्षस ने आज पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले लिया है। इसके सामने पूरी दुनिया बेबस और लाचार हो चुकी है। जिन्होंने भी यह पाप किया है उनको तो समय उसकी पाप कर्मों की सजा तो देगा ही।
लेकिन आज दुनिया पर आए इस संकट के लिए लोगों के कुछ किए कर्म पाप कर्म भी जिम्मेदार है।
जैसे कि आज मनुष्य मनुष्य में भेद हो रहा है धर्म के नाम पर जाते  के नाम पर ,पैसों के नाम पर, हिंदू, मुस्लिम, सिख इसाई, क्षत्रिय ,वैश्य ,ब्राह्मण आदी के नाम पर लोगों में भेद की जा रहा है। पैसा आज इंसानों से बड़ा हो गया है पैसों के दम पर इंसानों में भेद किए जा रहे हैं।
विश्व सनातन धर्म में गाय को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है उनको 33 कोटि देव की जननी कहा जाता, आज वह गाय पालने में लोगों को शर्म आ रही है लेकिन उनको कुत्तों की विष्ठा साफ करने में शर्म नहीं आ रही। कुछ लोगों में कुत्तों का स्थान इंसानों से भी बढ़कर है वह बड़ी शान से अपने घर के सामने लिख देती है BEWARE OF DOG।
जिहाद के नाम पर आज बेकसूर और निष्पाप लोगों की बली चढ़ाई जा रही है। हलाला और वैश्या व्यवसाय के नाम पर औरतों की इज्जत हलाल की जा रही है।
मांस मटन के नाम पर निष्पाप और बेकसूर प्राणियों की बलि दी जा रही है।
हर तरफ इतना जुल्म और बेबसी बढ़ गई है कि आम आदमी लाचार हो गया है।
यह सारी परिस्थिति देख कर मुझे 1986 में आई अंकुश पिक्चर के उस गाने की पंक्तियां याद आ रही है
” हर तरफ जुल्म है, बेबशी है।
सहमा सहमा सा हर आदमी है,
पाप का बोझ बढ़ता ही जाए ,
जाने कैसे ये धरती थमी है।”

यह पाप  इतना बढ़ गया है कि कोरोनावायरस नाम के राक्षस ने धरती को थमा दिया है।
इसका एक तर्क यह भीलगाया जा सकता है कि एक यह ईश्वरी संकेत हो सकते हैं।
धरती इस तरह थमी है कि  शेगाव ,शिरडी ,तिरुपति बालाजी, सिद्धिविनायक ,गोल्डन टेंपल, मक्का मदीना और वेटिकन सिटी जैसे पवित्र धार्मिक स्थल जहां कभी पैर रखने को भी जगह नहीं होती थी वहां समशान की तरह शांति है।
यह ईश्वरी संकेत मान के हम नकारात्मकता फैलाने की बजाय हम सकारात्मक पहल करते हैं और हम जिस भगवान को भी मानते हैं जिस रूप में मानते हैं उन्हें प्रार्थना करते हैं कि हे प्रभु हमारी सारी गलतियां माफ कर दो कोई भूल हुई तो हमे क्षमा किजिए।
” बोझ ममता का तु उठा ले,
तेरी रचना का अंत हो ना”
यह प्रार्थना करके सकारात्मक पहल करते हैं, पूरी दुनिया के लिए कामना करते हैं।

कोरोनावायरस संक्रमण और हमारी सामाजिक जिम्मेदारी।

कोरोनावायरस संक्रमण और हमारी सामाजिक जिम्मेदारी।

कोरोनावायरस संक्रमण आज दुनिया के लिए एक संकट बन गया है। विश्व आरोग्य संघटना में इस को महामारी घोषित कर दिया गया है।


आधी से ज्यादा दुनिया को कोरोनावायरस अपनी चपेट में ले चुका है दिनोंदिन इसका प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है और लोग मर रहे हैं। इटली स्पेन अमेरिका जैसे बड़े देश इसका बुरी तरह से शिकार हुए हैं मौजूदा हालात में अभी तक 23000 लोग पूरी दुनिया में अपनी जान गवां चुकी है और 4:30 लाख लोग अभी तक संक्रमित हो चुके हैं।
इसका प्रतिबंधक उपाय भारत के प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी ने 21 दिन तक पूरे देश को लॉग डाउन कर दिया है और आर्थिक राहत पहुंचाने का काम भी सरकार अपनी तरह से कर रही है।
सरकार अपना काम पूरी जिम्मेदारी से कर रही है सारे राजनेता इस बात पर एक हो चुके हैं और उनका लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ देश और देशवासियों की रक्षा यही है।
सरकार के साथ हमारी भी कुछ सामाजिक जिम्मेदारियां बनती है वह यह कि सरकार जो भी अपने को मार्गदर्शन दे रही है उसका हम जिम्मेदारी से पालन करें।

उसमें से कुछ सामाजिक जिम्मेदारियां यह है।

सामाजिक दुरी (social distancing) – अगर कोरोनावायरस से संक्रमण से बचना चाहते हो तो आप और अन्य व्यक्ति के बीच में कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें। इसमें संक्रमण का खतरा कम होता है। संभव हो तो अपने घर में ही रहे।
2. सामाजिक माध्यम से दुरी (social media distancing) – आजकल सोशल मीडिया जैसे फेसबुक WhatsApp लोग अपना समय बीताते है। ज्यादातर इसमें अफवाह या नकारात्मक विचारों का फैलाव ज्यादा होता है। जिसके कारण डर का माहौल या आपकी मानसिकता पर बुरा असर पड़ सकता है। इसमें आप दूरी बनाए रखे तो ही अच्छा होगा
3. प्रसार माध्यम से दूरी – प्रसार माध्यम आप कुछ मर्यादित रूप में देखे या पढ़ें। इसका मर्यादा से ज्यादा उपयोग आप में नकारात्मक भाव निर्माण कर सकता है।
4. अच्छी आदतें का पालन – अच्छे किताब पढ़ें, संगीत सुने , आपकी मनपसंद फिल्म देखें या अपनों के साथ वक्त बिताये। जिसके कारण इस कोरोनावायरस का ख्याल आपको बिलकुल भी ना आए।
5.सकारात्मक सोच – यह किसी भी संकट को निपटने का हत्यार है।
6. व्यक्तिगत साफ-सफाई- व्यक्तिगत  साफ-सफाई रखने से हम कोरोनावायरस जैसे महा भयानक बीमारी से अपनी रक्षा खुद कर सकते हैं और सरकार का बोझ हल्का कर सकते हैं।

आपकी यह आदतें कोरोनावायरस को आपसे दुर रखेगी।

आपकी यह आदतें कोरोनावायरस को आपसे दुर रखेगी।

अगर आप इन आदतों को सही प्रकार से अमल करोगे तो आपको कोरोनावायरस का डर आप के मन आएगा ही नहीं, और आपकी सकारात्मक  सोच आपको इससे लड़ने की ताकत देगी।
1. सामाजिक दुरी (social distancing) – अगर कोरोनावायरस से संक्रमण से बचना चाहते हो तो आप और अन्य व्यक्ति के बीच में कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें। इसमें संक्रमण का खतरा कम होता है। संभव हो तो अपने घर में ही रहे।


2. सामाजिक माध्यम से दुरी (social media distancing) – आजकल सोशल मीडिया जैसे फेसबुक WhatsApp लोग अपना समय बीताते है। ज्यादातर इसमें अफवाह या नकारात्मक विचारों का फैलाव ज्यादा होता है। जिसके कारण डर का माहौल या आपकी मानसिकता पर बुरा असर पड़ सकता है। इसमें आप दूरी बनाए रखे तो ही अच्छा होगा


3. प्रसार माध्यम से दूरी – प्रसार माध्यम आप कुछ मर्यादित रूप में देखे या पढ़ें। इसका मर्यादा से ज्यादा उपयोग आप में नकारात्मक भाव निर्माण कर सकता है।
4. अच्छी आदतें का पालन – अच्छे किताब पढ़ें, संगीत सुने , आपकी मनपसंद फिल्म देखें या अपनों के साथ वक्त बिताये। जिसके कारण इस कोरोनावायरस का ख्याल आपको बिलकुल भी ना आए।
5.सकारात्मक सोच – यह किसी भी संकट को निपटने का हत्यार है।

BANK AT YOUR DOORSTEP DURING LOCKDOWN

Due to corona virus grave concern prime minister of India Mr. Narendra Modi declared 21 days lockdown for country.
In such circumstances it is difficult for people to reach bank or ATM for cash. Because without it is impossible daily services.
In such situation some big players in banking sector like SBI, HDFC and iciciI bank take initiative to reach doorstep for banking to fulfill needs of time.


1. SBI – India’s biggest commercial player SBI reaching people through ‘Doorstep delivery system’ at a specific charge.
2. HDFC Bank – India’e the largest private bank HDFC also made viable doorstep delivery system within limit 5000-25000 Rupees with charge between Rs. 100-200/-
3. ICICI bank –  ICICI bank is also giving this facility to its customers. You can avail of the facility by visiting Bank@homeservice or by using the customer care service to order cash at your homes. You can order cash between 9 am and 2 pm. The bank provides you cash in a couple of hours. The limit for ICICI Bank is Rs 2000 to Rs 2 lakh and you have to pay a charge of Rs 50 or 18% of the amount.

Note that other banks like Kotak Mahindra, Axis bank also give its customers this facility.

No charges on cash withdrawal from other bank ATMs

BATSMAN WHO MADE CENTURY IN DEBUT TEST AND ODI CRICKET MATCH.

First batman(female and male) who made century in debut test and ODI cricket match was England all rounder female cricketer Emid Blackwell.

Enid Bakewell played 12 test and 23 ODI for England between 1968 to 1979.
She is a right-hand batsman and slow arm spinne

Pakistan batsman ABID ALI  is the first male batsman in cricket history who made century in his debut ODI and test match cricket.
He made debut in test against Sri Lanka in Sri Lanka tour of Pakistan 2019 at Rawalpindi in Pakistan. . Abid achieved the feat on the fifth and final day of Pakistan’s first Test against Sri Lanka in Rawalpindi that ended in a draw.
Abid Ali made debut in ODI against Australia in Dubai in Australia tour of Pakistan. He made century in his first ODI.

AMAZON KINDLE DIRECT PUBLISHING – INDIA’S NO 1 PUBLISHING PLATFORM

Kindle Direct Publishing was launched in November 2007 from the first Amazon Kindle device as an Amazon.com e-book publisher. Amazon originally launched Kindle Direct Publishing (KDP), called the Digital Text Platform, which is used by authors and publishers to publish books directly to the Kindle Store.

Authors can upload documents in various modes of transport through Whispernet and charge a fee for their work in the amount of 0.99-200.00 US dollars. This document is available in 34 languages.  In 2016, Amazon also added a paperback option to provide digital and print publications to independent publishers using print-on-demand technology. Amazon encourages authors to publish e-books and novels on the same platform.